10/11/2019

सम संख्या और विषम संख्या की परिभाषा, उदहारण, सूत्र के साथ महत्वपूर्ण प्रशन

सम संख्या और विषम संख्या की परिभाषा, उदहारण, सूत्र के साथ महत्वपूर्ण प्रशन

इस आर्टिकल में सम और विषम संख्या की परिभाषा, सूत्र, उदाहरण, इसके मध्य क्या अंतर होता है।  इसकी सम्पूर्ण जानकारी आसन सब्दो में दिया गया है

सम संख्या की परिभाषा

वे संख्याएं जो 2 से पूर्णत विभाजित हो जाती हैं। सम संख्या कहलाती है। 

      उदाहरण = 2, 4, 6, 8 ..... 
  • दो सम संख्याओं का योगफल सदैव विषम संख्या होता है। 
      उदाहरण = 0+2 = 4, 0+4 = 4, 4+2=6
      उदाहरण = 6+3=9
  • दो सम संख्याओं का गुणनफल सदैव सम संख्या होता है। 
      उदाहरण ×   4 ,     2  ×  6  = 12 ,    × 
  • सम और विषम संख्याओं का गुणनफल सदैव सम संख्या प्राप्त होता है। 
      उदाहरण 4 × = 28 5 × 8 = 40

  • दो सम संख्या के बिच विषम संख्या होती है।
       उदाहरण =   0 

 विषम संख्या की परिभाषा

वे संख्याएं जो 2 से पूर्णत विभाजित नहीं होती है।  विषम संख्याएं कहलाती है।

     उदाहरण = 1, 3, 5, 50, 12 ..... 

  •  दो विषम संख्याओं का योगफल सदैव सम होता है। 
     उदाहरण =  3+5 = 8, 7+9 = 16

  • विषम और सम संख्याओं का योगफल सदैव विषम होता है। 
      उदाहरण = 6+3 = 9, 8+5 = 3

  • दो विषम संख्याओं का गुणनफल सदैव विषम होता है। 
     उदाहरण = 3×5 = 15, 7×3 = 21

  • सम और विषम का गुणनफल सदैव सम होता है। 
     उदाहरण = 4×7 = 28,  5×8 = 40

प्रसन - क्या शून्य सम संख्या है या विषम संख्या है ?

  1. सम संख्या 
  2. विषम संख्या 
  3. दोनों 
  4. कोई नहीं 
हल - शुन्य में दो से भाग देने पर शुन्य आता है। अतः शुन्य सम है। 
सम संख्या और विषम संख्या की परिभाषा, उदहारण, सूत्र के साथ महत्वपूर्ण प्रशन









शून्य के महत्वपूर्ण प्रसन 
  • शून्य से किसी संख्या में भाग देने पर अनंत आता है। 
          उदाहरण - 
सम संख्या और विषम संख्या की परिभाषा, उदहारण, सूत्र के साथ महत्वपूर्ण प्रशन
  • किसी संख्या में शून्य से गुणा करने पर शून्य प्राप्त होता है। 
        उदाहरण - 
सम संख्या और विषम संख्या की परिभाषा, उदहारण, सूत्र के साथ महत्वपूर्ण प्रशन
  • किसी संख्या में शून्य जोड़ने पर संख्या के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है। 
Previous Post
Next Post

0 comments:

Hello Friends